
मैग्नेट वायर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की जानी-मानी कंपनी KSH International की शेयर बाजार में एंट्री उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। ₹384 के इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी के शेयर BSE और NSE पर ₹370 पर लिस्ट हुए, यानी लगभग 4% डिस्काउंट के साथ। लिस्टिंग के कुछ ही समय बाद शेयर और फिसले और ₹358.70 तक पहुंच गए, जिससे IPO निवेशकों को करीब 6.5% तक का नुकसान उठाना पड़ा। यह डेब्यू निवेशकों के लिए निराशाजनक साबित हुआ।
कमजोर सब्सक्रिप्शन
₹644 करोड़ के इस IPO को निवेशकों से खास उत्साह नहीं मिला। कुल मिलाकर यह इश्यू केवल 0.87 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया। QIB कैटेगरी में सब्सक्रिप्शन 1.12 गुना रहा, लेकिन नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (0.44x) और रिटेल निवेशकों (0.91x) की भागीदारी कमजोर रही। इससे साफ हो गया था कि बाजार कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
OFS में कटौती के बाद घटा IPO साइज
IPO को सफल बनाने और अलॉटमेंट आसान करने के लिए कंपनी ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के साइज में कटौती की। पहले जहां OFS ₹290 करोड़ का था, उसे घटाकर ₹224.4 करोड़ कर दिया गया। हालांकि, ₹420 करोड़ का फ्रेश इश्यू बरकरार रखा गया। इसके चलते कुल IPO साइज ₹710 करोड़ से घटकर ₹644.4 करोड़ रह गया। यह कदम पोस्ट-लिस्टिंग स्टेबिलिटी को ध्यान में रखकर उठाया गया।
GMP जीरो रहा, लिस्टिंग से पहले ही कमजोर ट्रेंड
KSH International IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लिस्टिंग से पहले शून्य बना रहा। आमतौर पर GMP निवेशकों की उम्मीदों को दर्शाता है और यहां इसका जीरो रहना साफ संकेत था कि लिस्टिंग गेन की संभावना बेहद कम है। बाजार जानकारों के मुताबिक, यही वजह रही कि शेयर बाजार में डेब्यू के समय कोई सकारात्मक सरप्राइज देखने को नहीं मिला।
मजबूत बिजनेस मॉडल, लेकिन मार्जिन पर दबाव
1979 में स्थापित KSH International भारत में मैग्नेट वाइंडिंग वायर बनाने वाली तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है और निर्यात के मामले में नंबर-1 है। कंपनी पावर, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल और इंडस्ट्रियल सेक्टर को सप्लाई करती है। इसके क्लाइंट्स में NTPC, PGCIL, NPCIL जैसे बड़े सरकारी और निजी संस्थान शामिल हैं। हालांकि, कच्चे माल की लागत, प्रतिस्पर्धा और मार्जिन दबाव कंपनी की तात्कालिक चुनौतियां बनी हुई हैं।
निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?
KSH International का IPO भले ही कमजोर लिस्टिंग के साथ आया हो, लेकिन कंपनी का बिजनेस आधार मजबूत है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्टॉक शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के लिए जोखिम भरा हो सकता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेशक कंपनी के विस्तार प्लान और एक्सपोर्ट फोकस को ध्यान में रखकर धीरे-धीरे पोजिशन बना सकते हैं। मौजूदा स्तरों पर निवेश से पहले फंडामेंटल और वैल्यूएशन पर नजर रखना जरूरी है।
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1 thought on “KSH International IPO Today: पहले ही दिन घाटे में निवेशक, शेयर 6% तक टूटे”