2026 का पहला Chandra Grahan लग रहा है, जिसे खगोलीय और धार्मिक—दोनों दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस दौरान चंद्रमा हल्का लाल या तांबे जैसा दिखाई देता है, इसलिए इसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है।
पंचांग के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है। भारतीय समयानुसार ग्रहण दोपहर 3:20 बजे से शुरू होगा, लेकिन उस समय भारत में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। भारत में चंद्रमा का उदय शाम लगभग 6:26 से 6:32 बजे के बीच होगा और उसी समय ग्रहण का अंतिम चरण रहेगा। ग्रहण लगभग 6:46 से 6:47 बजे के बीच समाप्त हो जाएगा। यानी भारत में यह Chandra Grahan केवल 15 से 20 मिनट के लिए ही दिखाई देगा।
144 साल बाद होली पर Chandra Grahan 2026
- इस बार होली के दिन 144 वर्षों बाद चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ग्रहण के कारण 3 मार्च को राम नगरी अयोध्या में सुबह 9 बजे तक ही रामलला के दर्शन होंगे। सुबह 9:19 बजे से सूतक काल लगने के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
- रात्रि 8:30 बजे मोक्ष काल के बाद दोबारा दर्शन शुरू होंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील की है।
किस शहर में कितने बजे दिखेगा Chandra Grahan?
- भारत के अलग-अलग शहरों में ग्रहण का समय इस प्रकार रहेगा:
- दिल्ली – शाम 6:26 से 6:46 बजे
- प्रयागराज – 6:08 से 6:46 बजे
- वाराणसी – 6:04 से 6:46 बजे
- कानपुर – 6:14 से 6:46 बजे
- पटना और रांची – 5:55 से 6:46 बजे
- कोलकाता – 5:43 से 6:46 बजे
- भुवनेश्वर – 5:54 से 6:46 बजे
- चेन्नई – 6:21 से 6:46 बजे
- हैदराबाद – 6:26 से 6:46 बजे
- बेंगलुरु – 6:32 से 6:46 बजे
- पूर्वोत्तर भारत के शहरों जैसे शिलांग, ईटानगर और गुवाहाटी में चंद्रमा पूर्ण रूप से ढका रहेगा। यहां दोपहर 2:14 बजे से शाम 7:53 बजे तक ग्रहण का प्रभाव माना जा रहा है, जिसमें पूर्णता की अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट तक रहेगी।
सूतक काल कब से लगेगा?
- Chandra Grahan 2026 भारत में दिखाई देगा, इसलिए सूतक काल मान्य रहेगा। सूतक 3 मार्च की सुबह 6:23 बजे से शुरू हो जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूतक काल में पूजा-पाठ, मंदिर प्रवेश और किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए।
- ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?
- क्या करें:
- भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करें
- ध्यान और भजन-कीर्तन करें
- ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें
- क्या न करें:
- ग्रहण के दौरान भोजन न करें
- नया कार्य या शुभ शुरुआत न करें
- मंदिर में प्रवेश से बचें
- ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की सफाई, स्नान और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
क्यों खास है यह चंद्र ग्रहण?
- यह Chandra Grahan 2026 इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह होली जैसे बड़े पर्व के दिन लग रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। हालांकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक सामान्य खगोलीय घटना है, लेकिन आस्था के कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
- आज शाम आसमान में ‘ब्लड मून’ का दुर्लभ नजारा देखने का मौका मिलेगा—बस कुछ मिनटों के लिए ही सही, लेकिन यह दृश्य यादगार रहेगा।
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