Gold-Silver-Copper Crash: रिकॉर्ड हाई के पास से सोना 2% गिरा

रिकॉर्ड तेजी के बाद मार्केट में सोमवार को अचानक से गिरावट देखने को मिली है, Gold-Silver-Copper Crash ने निवेशकों को चौंका दिया। सोना, चांदी और कॉपर — तीनों कीमती मेटल्स एक साथ फिसल गए। जिन कीमतों ने कुछ दिन पहले तक नए रिकॉर्ड बनाए थे, वही अब अचानक दबाव में आ गई हैं। 29 दिसंबर 2025 को आई इस गिरावट ने बाजार में एक ही सवाल है — क्या यह सिर्फ मुनाफावसूली है या किसी बड़े ट्रेंड के बदलने का संकेत?

Gold Price Today:

Gold-Silver-Copper Crash
Gold-Silver-Copper Crash

बता करे आज सोने की तो को फरवरी एक्सपायरी वाला Gold Future करीब 2% टूटकर ₹1,37,646 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। दिन की शुरुआत में सोना नया रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब था, लेकिन दोपहर होते-होते तस्वीर पूरी तरह बदल गई। तेज बिकवाली ने साफ कर दिया कि ऊंचे स्तरों पर निवेशक रिस्क लेने के मूड में नहीं हैं। यही वजह रही कि कुछ ही घंटों में गोल्ड रिकॉर्ड जोन से नीचे फिसल गया।

Silver Price Fall:

चांदी, पिछले हफ्तों में शानदार तेजी देखने को मिली थी, सोमवार को दबाव में आ गई। Silver Price में आई गिरावट ने यह साफ संकेत दिया कि मुनाफावसूली सिर्फ सोने तक सीमित नहीं रही। इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश दोनों से जुड़ी चांदी पर कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर पड़ा। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि चांदी में शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव अभी बना रह सकता है।

Copper Price Crash:

Gold-Silver-Copper Crash यह गिरावट में सबसे ज्यादा असर कॉपर पर देखने को मिला। Copper Price Crash की बड़ी वजह चीन से जुड़े संकेत रहे। दुनिया का सबसे बड़ा मेटल कंज्यूमर होने के बावजूद चीन की पॉलिसी और इंडस्ट्रियल ग्रोथ को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने कॉपर को दबाव में ला दिया। जैसे ही डिमांड पर सवाल उठे, ट्रेडर्स ने कॉपर में बिकवाली तेज कर दी।

Gold-Silver-Copper Crash चार फैक्टर जिन्होंने पलट दिया गेम

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह गिरावट किसी एक वजह से नहीं आई।
पहला कारण रहा रिकॉर्ड तेजी के बाद भारी मुनाफावसूली।
दूसरा, जियोपॉलिटिकल टेंशन में नरमी, जिससे सेफ-हेवन डिमांड घटी।
तीसरा, चीन की आर्थिक पॉलिसी और कमजोर इंडस्ट्रियल डिमांड।
और चौथा, CME के रेगुलेटरी और मार्जिन फैसले, जिन्होंने ट्रेडर्स को पोजिशन घटाने पर मजबूर किया।

अब आगे क्या है:

Gold-Silver-Copper Crash अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह गिरावट किसी बड़े ट्रेंड के बदलने का संकेत है। एक्सपर्ट्स फिलहाल इसे Healthy Correction मान रहे हैं।रिकॉर्ड तेजी के बाद थोड़ी गिरावट बाजार को संतुलित करती है। हालांकि शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। आने वाले दिनों में डॉलर इंडेक्स, ग्लोबल इकोनॉमी और सेंट्रल बैंक पॉलिसी तय करेगी कि सोना-चांदी-कॉपर आगे किस दिशा में जाएंगे।

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